आकाशीय बिजली कैसे और क्यों गिरती है। आवाज कैसे आती है। बचने के उपाय।

जय हिंद दोस्तों कैसे हैं आप लोग hindimetalk.com पर आपका स्वागत है आज के इस लेख में हम जानेंगे कि आकाशीय बिजली या आसमानी बिजली क्यों गिरती है और कैसे गिरती हैं इससे बचने के क्या उपाय है तथा बादलों के कड़कने की आवाज कैसे आती हैं। इन सभी सवालों का जवाब आपको इस लेख में एकदम सरल व आसान भाषा में मिल जाएंगे तो बने रहिए हमारे साथ।

जब बारिश के मौसम में बिजली कड़कती है तब हम सब आपस में एक दूसरे से जरूर पूछते हैं कि यह बिजली कैसे कड़कती है और बादलों से आवाज कैसे आती है परंतु हममें से किसी को इसका सही जवाब पता नहीं होता है और बारिश खत्म होते ही हमारी यह जिज्ञासा भी खत्म हो जाती है और अगली बार फिर से हम यही सवाल पूछते रहते हैं परंतु इस लेख को पढ़ने के बाद आप इन सभी सवालों के जवाब देने वाले बन जाएंगे।

बिजली क्यों गिरती है। बिजली कैसे गिरती है।

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आकाशीय बिजली को अंग्रेजी में lightning कहते हैं। आपने देखा होगा की आसमानी बिजली हमेशा बारिश के दिनों में ही गिरती है जब आसमान में बहुत सारे घने बादल होते है। ये बादल सामान्यतः जमीन से 10 किलोमीटर ऊपर होते हैं।

जब समुद्र का पानी गर्म होकर भाप बनकर जब ऊपर उठता है तो वह जैसे जैसे ऊपर जाता है वैसे वैसे ठंडा होने लगता है पृथ्वी से प्रत्येक 167 मीटर की ऊपर जाने पर तापमान 1 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है। (1km ऊपर जाने पर तापमान लगभग 6°C कम हो जाता है) जिसकी वजह से यह भाप ऊपर जाकर छोटे-छोटे बर्फ के टुकड़ों के रूप में बदल जाते हैं जिन्हें हम लोग बादल कहते हैं।

आसमान में इसी तरह के बहुत से बादलों का ग्रुप होता है जो हमेशा इधर-उधर होता रहता है जब यह बादल आपस में एक दूसरे से टकराते हैं तो बादलों के बीच में घर्षण होता है जिसके कारण वहां पर पॉजिटिव और नेगेटिव चार्ज उत्पन्न हो जाता है। इसे स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं। इसके बाद पॉजिटिव चार्ज ऊपर चला जाता है और नेगेटिव चार्ज पॉजिटिव चार्ज को खोजते हुए नीचे की ओर आ जाता है।

हम सब जानते हैं कि पृथ्वी पॉजिटिव चार्ज का एक भंडार है जिसके कारण बादल और जमीन के बीच में एक पोटेंशियल डिफरेंस हो जाता है और बिजली का प्रवाह आसमान से जमीन की ओर होने लगता है।

चुकी पेड़ हरे होते हैं के कारण इनमें नमी होती है और बारिश के समय में भीगे भी होते हैं इसलिए वे एक चालक की तरह व्यवहार करने लगते हैं जिसकी वजह से आकाशी बिजली अक्सर पेड़ों पर ही गिरती होती है।

आकाशीय बिजली में वोल्टेज लगभग 10 करोड़ वोल्ट होता है इसमें 10000 एंपियर की धारा होती है और इसका तापमान 27000 डिग्री सेल्सियस होता है। यह केवल .0005 सेकेंड तक ही होता है। 

आकाशीय बिजली तीन प्रकार की होती है।

1.Intra cloud lightning.

जब दो छोटे छोटे बादल आपस में टकराते है तब तो उनके बीच में विपरीत आवेशो के बिजली प्रवाहित होती हैं तो उसे इंट्रा क्लाउड लाइटनिंग कहते है। इसमें आवाज कम होता है।

2.Cloud to cloud.

जब दो विपरीत आवेशो वाले बड़े बदलो के बीच में बिजली प्रवाहित होती हैं तो इसे क्लाउड टू क्लाउड लाइटिंग कहते है। इसमें गड़गड़ाहट की आवाज बहुत तेज होती है। और बदलो में उजाला हो जाता हैं।

3.Cloud to graund lightning.

जब बादल से बिजली जमीन पर गिरती हैं तो इसे cloud to graund lightning या ब्रजपत कहते है। इसी से इंसानों जानवरो की मौत होती हैं और यही बिजली पृथ्वी पर उपस्थित सभी चीजों के लिए खतरनाक होती हैं। इसके गिरने पर चारो ओर उजाला हो जाता हैं और बहुत तेज कड़कड़ाने की आवाज आती है।

आकाशीय बिजली से बचने के उपाय। 

जब मौसम खराब हो और बिजली कड़क रही हो तो ऐसे में आकाशीय बिजली से बचने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं।

  • जब बिजली कड़क रही हो तो उस समय किसी पेड़ के नीचे ना जाएं।
  • घरों को आकाशीय बिजली से बचाने के लिए तड़ित चालक का प्रयोग करना चाहिए।
  • आकाशीय बिजली से बचने के लिए दौड़ना नहीं चाहिए। जितना तेज दौड़ेंगे उतना ज्यादा संभावना होगी आपके ऊपर बिजली गिरने की।
  • पानी तालाब आदि से दूर रहें।
  • धातु के हैंडल वाले छाते का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • किसी धातु के खंभे के पास नहीं जाना चाहिए।
  • फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • आकाशीय बिजली से बचने के लिए कहीं खुले स्थान पर बैठकर अपने दोनों कान बंद कर लेना चाहिए।
  • समूह में नहीं बैठना चाहिए। एक दूसरे से कुछ दूरी बनाकर बैठे


बादल गरजने की आवाज कैसे आती है।

जब बिजली गिरती है तो उसका तापमान बहुत अधिक होने के कारण उसके आसपास की हवाएं, पानी और बर्फ बहुत तेजी से दूर हटते हैं जिसकी वजह से बिजली कड़कने की आवाज आती है। इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं जब आप गर्म कढ़ाई या तवे पर पानी के छींटे मारते हैं तो बहुत तेज कड़कड़ाने आने की आवाज आती है।

इंसान पर बिजली कैसे गिरती है? बिजली की चपेट में लोग कैसे आते हैं?

अक्सर लोग किसी पेड़ के नीचे बैठने के कारण या खड़े होने के कारण अकाशी बिजली के चपेट में आ जाते हैं। या फिर बारिश में भीग कर खेत में काम करते समय या छाता लेकर बारिश में चलते समय आसमानी बिजली के चपेट में आ जाते हैं।

यदि बिजली कहीं पर गिरी है तो उसके आसपास खड़े लोग भी उसकी चपेट में आ जाते हैं।


FAQs

दुधारू पेड़ पर बिजली गिरने की संभावना ज्यादा क्यों होती है।

हम जानते हैं कि हरे पेड़ों में नमी होती हैं और दुधारू पेड़ जैसे बरगद पीपल आदि मैं नमी के साथ-साथ दूध होती है तो इससे उनमें अन्य पेड़ों की अपेक्षा ज्यादा नमी हो जाती है और बारिश की वजह से पूरा पेड़ ऊपर से भी भीग जाता है जिसकी वजह से यह एक अच्छे चालक चित्र व्यवहार करने लगता है और अकाशी बिजली आसानी से इसके संपर्क में आकर ग्राउंड में चली जाती है।

सबसे ज्यादा बिजली कहाँ गिरती है?

वेनेजुएला देश में गिरती है।

क्या फोन पर बिजली गिर सकती है?

जी हां। फोन से निकलने वाले रेडिएशन और सिग्नल अकाशी बिजली को अपनी और आकर्षित कर सकते हैं।

क्या बिजली गिरने से दर्द होता है?

बिजली गिरने पर पूरा शरीर जल जाता है और लोग मर भी जाते हैं तो जाहिर सी बात है कि दर्द होगा ही लेकिन यह सब बहुत ही कम समय में होता है। 1 सेकेंड से भी कम समय में, इसलिए ज्यादा कष्ट नहीं होगा।

क्या घर के अंदर बिजली गिर सकती है?

घर के अंदर बिजली नहीं गिर सकती है लेकिन घर के ऊपर बिजली गिर सकती है।

मैं अपने घर को बिजली गिरने से कैसे बचा सकता हूं?

अपने घर को अकाशी बिजली से बचाने के लिए तड़ित चालक का इस्तेमाल करना चाहिए। अंग्रेजी में इसे लाइटनिंग रॉड कहते हैं।

बारिश में बिजली क्यों गिरती है?

क्योंकि बारिश के समय बहुत से बादल आपस में एक दूसरे से टकरा जाते रहते हैं जिससे स्थैतिक विद्युत होता है। और बादल व जमीन के बीच में बारिश की बूंदों के कारण प्रतिरोध कम हो जाता हैं। इसलिए बिजली आसानी से धरती पर गिर जाती है

गोबर में बिजली गिरने से क्या होता है?

गोबर में बिजली गिरने से कुछ नहीं होता है। कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि यदि गोबर में बिजली गिरेगी तो वह सोने की रॉड में बदल जायेगी है जबकि यह केवल एक मनगढ़ंत कहानी है।

बादल में बिजली कैसे पैदा होती है?

जब दो बादल आपस में टकराते हैं तो उनके बीच घर्षण के कारण इलेक्ट्रॉन मुक्त हो जाते हैं जिससे वहां पॉजिटिव चार्ज और नेगेटिव चार्ज आ जाते हैं जिसके फलस्वरूप यहां स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी बन जाती है।

बाहर बिजली गिरने पर क्या करें?

बाहर ना जाएं और खिड़की पकड़ कर बाहर ना झांके।


निष्कर्ष।
उम्मीद है कि आपको समझ में आ गया होगा कि बिजली कैसे गिरती है और क्यों गिरती है तथा इससे बचने के क्या उपाय किए जा सकते हैं और इंसानों के ऊपर किस कारण से बिजली गिरती है इन सभी सवालों का जवाब हम लोगों ने इस लेख में पा लिया है।

अंत में आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अधिक से अधिक लोगों के साथ शेयर करें ताकि और भी लोगों को आपके माध्यम से या पता चल सके कि बिजली क्यों गिरती है और इससे बचने वह घर को बचाने के क्या उपाय किए जा सकते हैं। धन्यवाद!


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