ठंड के दिनों में जमीन से गर्म पानी और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी क्यों निकलता है।

 जय हिंद दोस्तों कैसे हैं आप लोग Hindimetalk.com पर आपका स्वागत है आज के इस लेख में आम जानेंगे कि ठंड के दिनों में जमीन से गर्म पानी क्यों आता है और गर्मी के दिनों में जमीन से ठंडा पानी क्यों निकलता है यह एक ऐसा सवाल है जो लगभग हर किसी के मन में आता है और इसके विपरीत बहुत ही कम लोगों को इसका सही कारण पता होता है।

लेकिन आज आपको भी इसका वैज्ञानिक कारण पता चल जाएगा कि क्यों ठंड के दिनों में गर्म पानी निकलता है और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी निकलता है और यकीन मानिए इसका उत्तर जानने के बाद आप दूसरों को भी इसके बारे में बहुत ही आसानी से बता सकते हैं। 

क्योंकि हम कठिन से कठिन वैज्ञानिक परिभाषा को बहुत ही सरल भाषा में परिवर्तित करके आपके सामने प्रस्तुत करते हैं जिससे कि जल्दी से जल्दी चीजें समझ में आ जाती हैं और लंबे समय तक याद रहती हैं।

लोगो ऐसा लगता है कि सर्दी यानी की ठंडी के दिनों में पानी गर्म हो जाता है और गर्मी के दिनों में पानी ठंडा हो जाता है जबकि यह तथ्य बिल्कुल गलत है। आइए मुख्य कारण जानते है जिसके वजह से गर्मी में ठंडा पानी और ठंडी में गर्म निकलता है।

ठंड के दिनों में गर्म पानी और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी क्यों आता है।

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यदि एक लाइन में इसका उत्तर देना हो तो हम कहेंगे कि ठंड के दिनों में जमीन से गर्म पानी और गर्मी के दिनों में जमीन से ठंडा पानी तापांतर के कारण निकलता है, लेकिन यह ऐसा जवाब हुआ जो कि किसी को हजम नहीं होगा मतलब कुछ समझ में नहीं आएगा इसलिए आइए थोड़ा आसानी से और विस्तार से जानते हैं

होता यह है कि हमारी पृथ्वी का जो भूपर्पटी के नीचे वाला परत है जहां पर पानी होता है उसका तापमान 15°C डिग्री सेल्सियस स्थिर होता है यानी कि यह 15°C डिग्री सेल्सियस से न तो ऊपर जाता है और ना ही नीचे जाता है 

जबकि पृथ्वी के बाहर का वातावरण ठंड के दिनों में लगभग जीरो से 8°C या 10°C डिग्री सेल्सियस के बीच में होता है और जहां बर्फबारी होती है वहां पर तो यह माइनस में भी चला जाता है जबकि ठीक इसके विपरीत गर्मियों के दिनों में पृथ्वी के बाहर का तापमान 25°C से लेकर 50°C डिग्री सेल्सियस तक हो जाता है।

अब यदि हमारा शरीर 0°C डिग्री सेल्सियस के वातावरण में है और आपको 15°सी डिग्री सेल्सियस का पानी मिलेगा तो स्वाभाविक है कि यह आपको गर्व महसूस होगा क्योंकि पानी का तापमान बाहरी वातावरण के तापमान से 15°C डिग्री सेल्सियस अधिक है।

ठीक इसी प्रकार गर्मियों के दिनों में पानी का तापमान तो 15°C डिग्री सेल्सियस स्थिर होता है लेकिन बाहरी वातावरण इससे बहुत अधिक होता है यदि यदि हम उस समय की बात करें जब गर्मी अपने चरम सीमा पर होती है तो उस समय व तारों का तापमान लगभग 45°सी से 50°C डिग्री सेल्सियस तक होता है तो ऐसे में पानी का तापमान 30°C से 35°C डिग्री सेल्सियस कम होता है जिससे हमें गर्मियों के दिनों में निकलने वाला पानी ठंडा महसूस होता है।

पृथ्वी गोल है तो हम गिरते क्यों नहीं है। पृथ्वी गोल है या नहीं।

मटके का पानी ठंडा क्यों होता है, और कैसे होता है।

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कुएं का पानी गर्मी मे ठंडा और ठंडी गर्म क्यों होता है। या गर्मी में नल ठंडा पानी और सर्दी में नल से गर्म पानी क्यों निकलता है।

इसका उत्तर भी वही है जो हमने ऊपर बताया है पानी नल से आए या कुएं से मूलरूप से तो यह पानी जमीन से ही आ रहा है और जमीन के अंदर पानी का तापमान 15°C स्थिर रहता है जबकि गर्मियों पृथ्वी के बाहर का तापमान 30°C से 50°C तक हो जाता है जिससे 15°C का पानी हमे ठंडा महसूस और सर्दियों पृथ्वी का बाहरी वातावरण 15°C से कम हो जाता जिससे हमे यह पानी गर्म महसूस होता है।

अतः हम कह सकते हैं कि कुएं या नल का पानी गर्मी में ठंडा और ठंडी में गर्म पृथ्वी के बाहरी वातावरण में तापमान परिवर्तन के कारण होता है।

हमें कोई पदार्थ ठंडा और गर्म क्यों महसूस होता है। 

कैलोरी  मिति के सिद्धांत के अनुसार ऊष्मा हमेशा उच्च ताप से निम्न टॉप की ओर प्रवाहित होती है और यह तब तक होती रहती है जब तक कि दोनों वस्तुओं का ताप एक समान ना हो जाए, जब हमारा शरीर ऊष्मा ग्रहण करता है तो हमें गर्मी महसूस होती है यह तभी हो सकता है जब किसी वस्तु का ताप हमारे शरीर के ताप से अधिक हो।

जब हमारे शरीर से ऊष्मा निकलती है तो हमें ठंडा महसूस होता है जैसे हम अपने हथेली को बर्फ पर रख दे तो बर्फ हमारी हथेली से ऊष्मा को लेने लगती है जिससे हमें बर ठंडा महसूस होता है।

इसी तरह सर्दियों और गर्मियों के दिनों में पानी के साथ होता है जब हम सर्दी के समय में ताजे पानी से नहाते हैं तब पानी का तापमान हमारे शरीर के तापमान से अधिक होता है इसलिए हमारा शरीर पानी से ऊष्मा लेने लगता है जिससे हमें पानी गर्व महसूस होता है।

और ठीक इसके विपरीत गर्मियों के दिनों में हमारा शरीर ताजे पानी की तापमान से अधिक गर्म होता है इसलिए जब हम पानी को अपने शरीर पर डालते हैं तो उस समय पानी हमारे शरीर से उस्मान लेता है जिससे कि हमें पानी ठंडा महसूस होता है।

यहां पर एक जरूरी बात आपको यह बता दे कि हमारे शरीर का तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस स्थिर रखता है किसके बदलने से हमे बुखार आ जाता है चाहे 37 से ऊपर हो या 37 से नीचे जब तक आपके शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस है तब तक आप को बुखार नहीं हो सकता है।

Conclusion!
आज के इस लेख में हमने जाना कि ठंड के दिनों में जमीन से गर्म पानी और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी क्यों निकलता है। इसका क्या कारण होता है। 

आपको आज का हमारा यह लेख कैसा लगा हमे कॉमेंट करके जरूर बताएं यदि आप इसी तरह से किसी और टॉपिक के बारे मे जानना चाहते हैं तो हमे कॉमेंट करके बताए।

आपसे निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को ऐसे लोगो के साथ जरूर शेयर करें जिन्हें यह नहीं पता है कि ठंड के दिनों में जमीन से गर्म पानी और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी क्यों निकलता है। ताकि उन्हें इसका कारण पता चल सके और इसमें आप उनकी सहायता कर सकते हैं।

धन्यवाद!

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