दिन और रात कैसे होता है। तथा दिन रात बड़ा व छोटा कैसे होता है।

जय हिन्द दोस्तों कैसे हैं आप लोग hindimetalk.com आज के इस लेख में हम लोग जानेंगे कि दिन और रात कैसे होता है। इसके पहले वाले लेख में हम लोगों ने जाना था कि AD (ईस्वी) और BC (ईशा पूर्व) में क्या अंतर होता है।

जब हमारे मन में यह सवाल आता हैं कि दिन और रात कैसे होता है तो हम लोगो को लगता है कि सूर्य जब पृथ्वी के नीचे जाता हैं या पहाड़ों के पीछे चला जाता है तो रात हो जाता है और जब फिर से जब सूर्य ऊपर आता है तो दिन हो जाता हैं। ये एकदम गलत तथ्य है क्योंकि सूर्य किसी भी प्रकार की गति नही करता है तो यह पृथ्वी का चक्कर कैसे लगा सकता है।

सच्चाई यह है कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती हैं जिसकी वजह से पृथ्वी पर ऋतु बदलती है। जैसे सर्दी, गर्मी, बरसात। लेकिन इसके वजह से पृथ्वी पर दिन और रात नही होते हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिरकार पृथ्वी पर दिन और रात कैसे होता है।

दिन और रात कैसे होता है। दिन और रात क्यों होता है।


पृथ्वी पर दिन और रात पृथ्वी के द्वारा खुद का चक्कर लगाने के कारण होता है। जैसे-फुटबॉल उंगली पर नाचता है ठीक उसी प्रकार पृथ्वी भी अपने अक्ष पर घूमता है। हमारे लिए दिन मतलब होता है कि सूर्य दिखाई देने लगे या सूर्य की किरणे दिखाई देने लगे और रात का मतलब होता है सूर्य न दिखाई दे और चारो तरफ अंधेरा हो जाए। 

हम लोग जानते है कि सूर्य से लगातार ऊष्मा के रूप मे प्रकाश ऊर्जा निकलती रहती है जब ये प्रकाश की किरणे सीधे पृथ्वी के जिस हिस्से पर पड़ती हैं वहा पर दिन होता है या फिर ये कहे की वहा पर दोपहर होता है। और ठीक इसी के पीछे पृथ्वी का वो हिस्सा जहा ठीक उसी समय सूर्य की किरण नही पहुंच पाती है वहा रात होता है।

लेकिन पृथ्वी लगातार घूमने के कारण  पृथ्वी का वो हिस्सा जहा प्रकाश की किरणे नही पहुंच पा रही थी वो खुद ही सूर्य के सामने आ जाता हैं जिसकी वजह से वहा भी अब दिन हो जाता है। और पृथ्वी का वो हिस्सा जहा दिन था वह अब घूम कर पीछे चला गया जिससे वहा पर अब रात हो जायेगी। 

अब इसका मतलब ये नहीं है कि एकदम अचानक से दिन और रात हो जाता है। बल्कि यह प्रक्रिया धीरे धीरे होती है। मान लीजिए की भारत में भोर हो रहा है तो इसका मतलब है कि अब पृथ्वी का वो हिस्सा जहा भारत है वो धीरे धीरे सूर्य के सामने आ रहा है अब जैसे जैसे ये हिस्सा सूर्य के सामने आता जायेगा वैसे दिन का उजाला बढ़ता जाएगा और जब यह हिस्सा सूर्य के एकदम सीध आ जाता हैं तो यहा दोपहर हो जाता है अब इसके बाद जैसे जैसे समय बीतेगा और पृथ्वी घूमेगी शाम होता जाएगा।


दिन रात बड़ा और छोटा कैसे होता है। और कब होता है।

दिन रात बड़ा व छोटा कैसे होता है ये जानने से पहले हमे पृथ्वी और उसकी गति को अच्छे से समझना होगा तो आइए समझ लेते हैं कौन ट्रेन छूट रही है।

हम लोग जानते है कि पृथ्वी अपने ऊर्ध्वधार अक्ष से 23.5° झुकी है। तथा पृथ्वी अपने अक्ष पर खुद का चक्कर, और दीर्घ वृत्ताकार कक्षा में सूर्य का चक्कर लगाती है इसका मतलब है कि सूर्य का एक चक्कर लगाते समय पृथ्वी कही सूर्य के एकदम नजदीन आ जायेगी और एक समय एकदम दूर चली जायेगी। 


अब हम पृथ्वी को भू-मध्य रेखा से दो भागो में बाट देते हैं अब भू-मध्य रेखा के ऊपर का हिस्सा उत्तरी गोलार्ध और भू-मध्य रेखा से नीचे का हिस्सा दक्षिणी गोलार्ध कहलाएगा। दिसम्बर के महीने में जब पृथ्वी सूर्य के एकदम नजदीक आ जाता है तो पृथ्वी के 23.5° पर झुके होने के कारण उत्तरी गोलार्ध पर सूर्य का प्रकाश सही से नहीं पहुंच पाता है जिसकी वजह से यहां दिन छोटे होने लगत हैं और ठंडी पड़ने लगती है। इसी समय दक्षिणी गोलार्ध में भीषण गर्मी पड़ रही होगी। अब जैसे जैसे पृथ्वी सूर्य के नजदीक आती जाती है वैसे वैसे दिन छोटा और रात बड़ा होने लगता है 21-22 दिसम्बर को केवल उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन होता है।

din-raat-bada-chota-kaise-hota-hai.

अब जैसे जैसे पृथ्वी सूर्य से दूर होता जायेगा वैसे वैसे दिन बड़ा और रात छोटा होता जायेगा क्योंकि अब सूर्य की किरणे सही से उत्तरी गोलार्ध में पड़ने लगती है। 22 मार्च को दिन और रात दोनो बराबर हो जाते हैं। और फिर जब पृथ्वी जून में सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर होती है तो अब सूर्य की किरणे उत्तरी गोलार्ध पर भू-मध्य रेखा और कर्क रेखा के एरिया में सीधी पड़ती है जिसकी वजह इस समय यहां गर्मी पड़ने लगती है 21 जून को सबसे दिन और सबसे छोटी रात होती हैं। 

फिर जब पृथ्वी सूर्य के नजदीक जाने लगती हैं तो 23 सितम्बर को दिन और रात दोनो बराबर हो जाते हैं। इस पूरे टॉपिक को वीडियो के माध्यम से समझने के लिए ये वीडियो देखिए।


FAQ.

1:- 21 मार्च और 23 सितंबर को दिन रात बराबर क्यों होते हैं?
उत्तर:

2:- दिन कब से बढ़ना शुरू होता है?
उत्तर: 22 दिसंबर के बाद से।

3:- रात कब से बड़ा होता है?
उत्तर: 23 सितंबर से।

4:- दिन और रात बराबर कब कब होता है?
उत्तर: 23 सितंबर और 22 मार्च को।

5:- भारत में सबसे छोटा दिन कब पड़ता है?
उत्तर: 22 दिसंबर को 

6:- पृथ्वी पर सबसे लंबा दिन कहां है?
उत्तर: 21 जून को।

7:- 22 दिसंबर सबसे लंबी रात क्यों है?
उत्तर: यह केवल उत्तरी गोलार्ध में होता है क्योंकि इस दिन पृथ्वी सूर्य सबसे नजदीक आ जाता है और पृथ्वी के 23.5° सुर के विपरीत में झुके होने के कारण यहां सूर्य की किरणे पूरी तरह से नहीं पहुंच पाती है। 

8:- क्या 21 दिसंबर के बाद दिन बड़े हो जाते हैं?
उत्तर: होने लगता है।

9:- 21 दिसंबर को क्या होता है?
उत्तर: सबसे बड़ी रात और सबसे छोता दिन।

10:- सबसे लंबी रात कौन सी है?
उत्तर:21 से 22 दिसम्बर की।

11:- एक रात कितने घंटे की होती है?
उत्तर: ये दिन और महीने वा पृथ्वी की स्थिति पर निर्भर करती है। परंतु आदर्श रूप में 12 घंटे दी और 12 घंटे रात होती है।

12:- 3 बजे रात है या सुबह? 
उत्तर: रात। देहाती भाषा में भोर भी कह सकते हैं।

13:- सबसे लंबा दिन कब होता है?
उत्तर: 21 जून को।

14:- दिसंबर में सबसे लंबा दिन कौन सा है?
उत्तर: दिसंबर का आखरी दिन।

>आज हमने क्या सीखा।

तो आज के इस लेख में हम लोगों ने जाना की दिन और रात कैसे होता है। तथा दिन रात बड़ा व छोटा कैसे होते हैं। और भी बहुत कुछ जैसे पृथ्वी कैसे गति करती है पृथ्वी कितनी झुकी है। उम्मीद आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा और इससे बहुत कुछ सीखने व जानने को मिला होगा।

आपसे निवेदन है कि आप इस लेख अपने दोस्तो और जानने वाले लोगो या किसी व्हाट्सएप ग्रुप में जरूर शेयर करें। ताकि और लोग भी जान लकी दिन और रात कैसे होता है। धन्यवाद!


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