Train में कितने डिब्बे होते हैं। एक डिब्बे में कितनी सीट होती हैं।

जय हिंद दोस्तों कैसे हैं आप लोग Hindimetalk.com पर आपका स्वागत है आज के इस लेख में हम जानेंगे की ट्रेन में कितने डिब्बे होते हैं और एक डिब्बे में कितनी सीट होती है इसके पहले हमने जाना था कि ट्रेन में अपनी सीट कैसे खोजते हैं अभी तक आपने हमारे लिए तो को नहीं पढ़ा है तो अभी जाकर पड़े यह ट्रेन से यात्रा में बहुत मदद कर सकता है।

अक्सर आपने देखा होगा कि सभी ट्रेनों में डिब्बों की संख्या और ट्रेन की लंबाई लगभग समान होती है क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है क्या आप ये जानते है की मालगाड़ी और यात्री रेल की लंबाई अलग अलग होती हैं इसका क्या कारण हैं इसके बारे हमने हमने नीचे बात किया है।

गर्मियों में या फिर शादियों के सीजन में या त्योहारों के समय ट्रेन से सफर करने की सोचें तो या बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि इस समय बहुत अधिक लोग सफर करते हैं हमारे मन में सवाल आता है कि इस समय ट्रेनों में और अधिक डिब्बों को क्यों नहीं जोड़ा जाता। आइए अब हम जानते हैं कि एक ट्रेन में कितने डिब्बे होते हैं और अधिकतम कितने डिब्बे हो सकते हैं।

ट्रेन में कितने डिब्बे होते हैं। Train coach.

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 ट्रेन में अधिकतम 24 डिब्बे हो सकते हैं क्योंकि इंडियन रेलवे में एक डिब्बे की लंबाई करीब 25 मीटर होती है यदि हम 24 डिब्बे वाली ट्रेन की कुल लंबाई देखें तो 24×25 =600 मीटर हो जाएगा इसमें एक इंजन होगा और हो सकता है एक लगेज का डिब्बा भी हो तो एक ट्रेन की कुल लंबाई 650 मीटर हो जाएगी।

जबकि भारतीय रेलवे की लूप लाइन लगभग 650 मीटर की होती है लूप लाइन रेलवे प्लेटफार्म की लंबाई को कहते हैं जहां पर ट्रेन रूकती है अब यदि हम ट्रेन की लंबाई 650 मीटर से अधिक कर देंगे तो ट्रेन का कुछ हिस्सा प्लेटफार्म से बाहर हो जाएगा जहां से यात्रियों को चढ़ने और उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

आम तौर पर 14 से लेकर 24 डिब्बों की ट्रेन चलाई जाती है लेकिन अधिकतर ट्रेनों में डिब्बों की संख्या 17 से 22 होती है यही कारण है कि जब आप कभी किसी ट्रेन को देखते होंगे तो लगभग सभी ट्रेनों की लंबाई समान लगती हैं।

लेकिन यह नियम मालगाड़ी ट्रेनों पर लागू नहीं होता है क्योंकि उन्हें किसी प्लेटफार्म पर नहीं रोका जता और उनके डिब्बों की संख्या और डिब्बों की लंबाई पैसेंजर ट्रेन की तरह ही नहीं होती है।

मालगाड़ी ट्रेन में कितने डिब्बे होते है।

एक सामान्य मालगाड़ी ट्रेन में 42 डिब्बे होते हैं एक डिब्बे की लंबाई लगभग 16 से 17 मीटर होती है इस तरह से यदि हम पूरी मालगाड़ी ट्रेन की लंबाई की बात करें तो मालगाड़ी ट्रेन की लंबाई करीब 750 मीटर हो जाएगी।

मालगाड़ी में पैसेंजर ट्रेन की अपेक्षा अधिक लोड होता है इसलिए आपने देखा होगा कि लगभग सभी मालगाड़ी ट्रेनों में दो इंजन होते हैं एक सबसे आगे और एक बीच में। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारतीय रेलवे की 70% कमाई इन्हीं मालगाड़ी ट्रेनों से आती है लेकिन फिर भी पैसेंजर ट्रेनों की वजह से इन्हें कहीं भी रोक दिया जाता है।

हाल ही में भारत में कोयले की कमी होने के कारण से लगभग सभी बिजली बनाने वाले पावर प्लांट पर कोयले की कमी हो गई थी जिसकी वजह से लगभग सभी थर्मल पावर प्लांट के पास केवल एक या 2 दिन का कोयला बचा था इसीलिए पैसेंजर ट्रेनों को रोक कर मालगाड़ी ट्रेन को पास दिया जा रहा था।

कहते हैं कि आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है इसी तरह जब कोयले की कमी हुई तो भारतीय रेलवे ने मालगाड़ी ट्रेन में 42 डिब्बे की जगह 84 डिब्बे जोड़ दिए और इस तरह एक नया इतिहास बनाया भारतीय रेलवे में इस ट्रेन की लंबाई करीब  1428 मीटर थी। इस ट्रेन का नाम वासुकी नाग था यह मालगाड़ी ट्रेन भारत की सबसे लंबी ट्रेन का खिताब अपने नाम कर चुकी है।

इसके पहले भारत की सबसे लंबी ट्रेन शेषनाग और एनाकोंडा थी लेकिन अब वासुकी नाग भारत की सबसे लंबी ट्रेन है शेषनाग ट्रेन की लंबाई करीब 1.2 किलोमीटर थी यानी कि 12 सौ मीटर लेकिन वासुकी नाग मालगाड़ी ट्रेन की लंबाई 1428 मीटर है लगभग 1.5 किलोमीटर।

ट्रेन के एक डिब्बे में कितनी सीट होती है।

किसी भी ट्रेन के डिब्बे में सीटों की संख्या डिब्बे की कैटेगरी पर निर्भर करता है क्योंकि एसी बोगी के डिब्बे में सीटों की संख्या सबसे कम होती है और उसके बाद फिर स्लीपर में सीटों की संख्या AC वाली डिब्बे से अधिक होती है और फिर लास्ट में सबसे अधिक सीटों की संख्या जनरल डिब्बे में होती है।

जनरल डिब्बे में सीटों की संख्या।
जनरल डिब्बे में सीटों की संख्या 103 होती है। अगर आपने जनरल डिब्बे में सफर किया होगा तो आपको पता होगा कि जनरल डिब्बे में यात्रियों की संख्या सीटों की संख्या के 4 से 5 गुना अधिक होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि जनरल डिब्बों में बहुत से लोग बिना टिकट सफर करते हैं।

स्लीपर कोच में सीटों की संख्या।
ट्रेन के स्लीपर कोच में यानी कि स्लीपर वाले डिब्बे में सीटों की संख्या 72 ,74 या 80 होती हैं कुछ ट्रेनों में स्लीपर डिब्बे में सीटों की संख्या 74 तो कुछ में 72 और कुछ ट्रेनों में 80 होती है।

AC वाली डिब्बों में सीटों की संख्या।
कुछ ट्रेन में एसी वाले डिब्बों में सीटों की संख्या 46 और कुछ ट्रेनों में सीटों की संख्या 154 होती है।


निष्कर्ष।
आज के इस लेख हमने जाना कि ट्रेन में कितने डिब्बे होते हैं और एक ट्रेन की लंबाई कितनी होती है साथ में मेरा भी जाना कि मालगाड़ी ट्रेन में कितने डिब्बे होते हैं और उसकी लंबाई कितनी होती है। 

हमने एक ही लेख में इस टॉपिक से जुड़े लगभग सभी सवालों के जवाब देने का प्रयास किया है जैसे कि ट्रेन के एक बोगी की लंबाई कितनी होती है और ट्रेन के एक डिब्बे में कितनी सीट होती है। भारत की सबसे लंबी ट्रेन कौन सी है उसका नाम क्या है।

यदि आपको आपके सवाल का जवाब नहीं मिला है तो आप हमें कमेंट करके बताइए हम आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द से जल्द हम आपके सवालों के जवाब देने का प्रयास करेंगे।

अगर आप को आज का हमारा यह लेख पसंद आया हो या फिर आप को हमारे इस लेख से कुछ भी अच्छा जानने को मिला हो तो इसे अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ जरूर साझा करें ताकि लोगों को भारतीय रेलवे के बारे में पता चल सके।

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